Khabarwala24 News NEET 2025: तमिलनाडु (Tamil Nadu) के चेन्नई से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां 49 साल की अमुथावल्ली मणिवन्नन और उनकी बेटी एम. संयुक्ता ने NEET परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है। दोनों अब एक साथ MBBS की पढ़ाई करेंगी। इस NEET Success Story ने पूरे देश में लोगों को प्रेरित किया है, खासकर उन लोगों को जो सोचते हैं कि उम्र सपनों के आड़े आ सकती है।
NEET 2025: अमुथावल्ली ने 49 की उम्र में पास की परीक्षा
अमुथावल्ली मणिवन्नन (Amuthavalli Manivannan) एक फिजियोथेरेपिस्ट हैं, जिन्होंने अपनी बेटी के साथ मिलकर NEET की तैयारी की। इस साल उन्होंने NEET UG परीक्षा में 147 अंक हासिल किए और PwD (Persons with Benchmark Disability) कैटेगरी के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS Admission पाया। उन्हें तमिलनाडु के विरुधुनगर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीट अलॉट हुई, जो उनके होम डिस्ट्रिक्ट तेंकासी के पास है।
अमुथावल्ली ने बताया कि तीन दशक पहले, स्कूलिंग पूरी करने के बाद उनका सपना MBBS करने का था। लेकिन हालात ने उन्हें फिजियोथेरेपी की पढ़ाई करने पर मजबूर कर दिया। इस बार बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने खुद भी NEET की तैयारी शुरू की और मेहनत रंग लाई। उनकी यह कहानी उन लोगों के लिए मिसाल है, जो उम्र को अपने सपनों की राह में रुकावट मानते हैं।
बेटी संयुक्ता ने भी दिखाया दम, हासिल किए 450 अंक
अमुथावल्ली की बेटी एम. संयुक्ता (M Samyuktha) ने NEET UG 2025 के अपने सेकेंड अटेम्प्ट में 450 अंक हासिल किए। वह अब जनरल राउंड की काउंसलिंग का इंतजार कर रही हैं। एक इंटरव्यू में अमुथावल्ली ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरी बेटी की एक शर्त थी कि मैं उसी कॉलेज में न जाऊं, जहां वह पढ़ेगी। आखिर पांच साल तक उसका मजा तो नहीं बिगाड़ना।” मां-बेटी की यह जोड़ी अब एक साथ डॉक्टर बनने की राह पर है।
MBBS Seats in India: कैसे मिली सीट?
NEET परीक्षा में उम्र या अटेम्प्ट्स की कोई सीमा नहीं है, जिसने अमुथावल्ली को 30 साल बाद अपने सपने को पूरा करने का मौका दिया। PwD, एक्स-सर्विसमैन के बच्चों, और स्पोर्ट्स पर्सन्स जैसी स्पेशल रिजर्वेशन कैटेगरी की काउंसलिंग ऑफलाइन होती है। इसके लिए अमुथावल्ली और संयुक्ता चेन्नई पहुंची थीं। 30 जुलाई को मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डायरेक्टोरेट की सिलेक्शन कमेटी ने 7.5% गवर्नमेंट स्कूल स्टूडेंट्स रिजर्वेशन और स्पेशल कैटेगरी के लिए काउंसलिंग की, जिसमें अमुथावल्ली को MBBS की सीट मिली।
NEET Success Story: प्रेरणा बन रही है यह कहानी
अमुथावल्ली और संयुक्ता की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखते हैं। खासकर NEET Aspirants के लिए यह एक मिसाल है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मां-बेटी की यह जोड़ी अब एक साथ मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करेगी और देश को दो नए डॉक्टर देगी।
यह कहानी साबित करती है कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती। चाहे 49 साल की अमुथावल्ली हों या उनकी युवा बेटी संयुक्ता, दोनों ने दिखा दिया कि अगर इरादे पक्के हों, तो कोई भी मुश्किल आसान हो सकती है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।