खबरWALA 24 न्यूज धौलाना: तहसील धौलाना में पट्टों की जमीन पर हुए खेल का पर्दाफाश करने के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन पिछले दिनों शासन ने किया था। इस जांच के आदेश होने के बाद उपजिलाधिकारी ने पट्टा संबंधित पत्रावलियों के मुआयना पर रोक लगा दी है। अब नकल सवाल लगाने के बाद भी बिना उपजिलाधिकारी की परमिशन के पट्टा पत्रावली कोई नहीं देख पाएगा। इस संबंध में अभिलेखागार के गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इसके चलते पट्टों की जमीन में खेल करने वालों में बेचैनी का माहौल है।
एसअाइटी के गठन की सूचना के बाद उपजिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने धौलाना अभिलेखागार के संरक्षक रजिस्ट्रार कानूनगो को आदेश देते हुए धौलाना तहसील की समस्त आवासीय और कृषि पट्टों की आवंटन पत्रावलियो के मुआयने (पट्टा पत्रावली देखने पर) पर पूर्णत: रोक लगा दी है। अगर किसी व्यक्ति को अभिलेखों का मुआयना करना है तो इसके लिए उपजिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी। इस संबंध में एक नोटिस अभिलेखागार के बाहर चस्पा कर दिया गया है।
पूर्व सांसद ने की थी शिकायत
पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर ने तहसील क्षेत्र के नौ स्थानों पर पट्टों की जमीन में हुए खेल के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी। जिस पर शासन की तरफ से प्रमुख सचिव के आदेश पर धौलाना तहसील के भूमि घोटालों की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल में मंडलायुक्त मेरठ, पुलिस महानिरीक्षक मेरठ और राजस्व विभाग के सचिव को शामिल किया गया है।


