Khabarwala24 News: बॉम्बे हाईकोर्ट से राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को बड़ा झटका लगा है, जहां अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर ‘चौकीदार चोर है’ और ‘कमांडर-इन-थीफ’ जैसी टिप्पणी करने के मामले में दर्ज आपराधिक मानहानि केस को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद अब कांग्रेस नेता को निचली अदालत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन को दी गई थी चुनौती
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में मुंबई की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा जारी किए गए समन और निचली अदालत की कार्यवाही को रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से दलील दी गई थी कि बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई यह शिकायत कानूनी रूप से पोषणीय (Maintainable) ही नहीं है।
Rahul Gandhi के वकीलों की मुख्य दलील
हाईकोर्ट में राहुल गांधी के वकील सुदीप पासबोला ने पक्ष रखते हुए कहा कि विवादित बयान या ट्वीट में बीजेपी अथवा किसी विशिष्ट राजनीतिक दल का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि बयान में किसी निश्चित या पहचाने जा सकने वाले वर्ग को लक्षित नहीं किया गया है। ऐसे में कानूनी रूप से कोई प्रत्यक्ष पीड़ित पक्ष मौजूद नहीं है, इसलिए शिकायतकर्ता के पास आपराधिक मानहानि का मुकदमा चलाने का अधिकार नहीं बनता।
महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता का रुख
वहीं, बीजेपी कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल और महाराष्ट्र सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने याचिका का पुरजोर विरोध किया। शिकायतकर्ता का कहना था कि वह पिछले दो दशकों से बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता है। प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर कहे गए इन शब्दों से बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है, जिससे उन्हें मानहानि की शिकायत दर्ज कराने का पूरा हक है।
हाईकोर्ट का फैसला: बीजेपी एक स्पष्ट और पहचान योग्य संस्था
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नितिन बोरकर की एकल पीठ ने राहुल गांधी की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी एक पंजीकृत राष्ट्रीय राजनीतिक दल है और इस नाते यह एक पहचान योग्य संस्था की श्रेणी में आती है। जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली नजर में प्रधानमंत्री, जो खुद बीजेपी के सदस्य हैं, उनके खिलाफ दिए गए बयानों को केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। बयान का वास्तविक अर्थ क्या था और इसका पार्टी के आम कार्यकर्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ा, यह एक ऐसा पहलू है जिस पर ट्रायल के दौरान ही फैसला किया जाएगा।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।










