बीजिंग, 1 जनवरी (khabarwala24)। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि चीन वैश्विक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए यूरोपीय संघ के साथ काम करने को तैयार है, लेकिन किसी भी अनुचित व्यापार प्रतिबंध का जवाब देने और अपने स्वयं के विकास हितों, चीनी उद्यमों के वैध अधिकारों और हितों तथा वैश्विक औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय दृढ़ता से करेगा।
यूरोपीय संघ का कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (सीबीएएम) आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी, 2026 से लागू हो जाएगा। इसके जवाब में, एक प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने सीबीएएम से संबंधित यूरोपीय संघ के हालिया विधायी प्रस्तावों और कार्यान्वयन विवरणों पर ध्यान दिया है, जिसमें कार्बन उत्सर्जन तीव्रता के लिए डिफॉल्ट मूल्य निर्धारित करना और उत्पाद कवरेज का विस्तार करने की योजना शामिल है।
प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय संघ ने हरित और कम कार्बन विकास में चीन की उल्लेखनीय उपलब्धियों को नजरअंदाज करते हुए चीनी उत्पादों की कार्बन उत्सर्जन तीव्रता के लिए काफी उच्च डिफॉल्ट मूल्य निर्धारित किया है, और अगले तीन वर्षों तक इस मानक को सालाना बढ़ाता रहेगा। यह चीन के वर्तमान स्तर और भविष्य के विकास के रुझान के अनुरूप नहीं है और चीन के साथ अनुचित और भेदभावपूर्ण व्यवहार है।
प्रवक्ता के अनुसार, यूरोपीय संघ की कार्रवाइयां न केवल विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के ‘सबसे पसंदीदा राष्ट्र व्यवहार’ और ‘राष्ट्रीय व्यवहार’ के सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि ‘जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की ढांचागत संधि’ द्वारा स्थापित ‘सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों’ के सिद्धांत के भी विपरीत हैं।
इसके अलावा, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी उल्लेख किया कि यूरोपीय संघ ने हाल ही में ईंधन से चलने वाले नए वाहनों पर साल 2035 तक लागू प्रतिबंध में संशोधन किया है, जिससे यूरोपीय संघ के भीतर हरित नियमों में ढील दी गई है। एक ओर, यूरोपीय संघ हरित प्रथाओं की आड़ में बाहरी तौर पर संरक्षणवाद में लिप्त है। दूसरी ओर, वह घरेलू स्तर पर नियमों में ढील देता है और उत्सर्जन कटौती की आवश्यकताओं को कम करता है। यह विरोधाभासी दृष्टिकोण दोहरे मापदंड का एक विशिष्ट उदाहरण है।
प्रवक्ता ने आशा जताई कि यूरोपीय संघ जलवायु और व्यापार से संबंधित अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए एकतरफावाद और संरक्षणवाद को त्याग देकर खुले बाजारों को बनाए रखेगा, और निष्पक्षता, विज्ञान एवं गैर-भेदभाव के सिद्धांतों के आधार पर हरित क्षेत्र में व्यापार और निवेश के उदारीकरण और सुगमीकरण को बढ़ावा देगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–khabarwala24
एबीएम/
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


