नई दिल्ली, 19 दिसंबर (khabarwala24)। जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) मामले में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।
कोर्ट ने लालू यादव, पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव समेत सभी आरोपियों को 9 जनवरी 2026 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। इसी दिन कोर्ट इस मामले में आरोप तय करने पर फैसला सुनाएगा।
सीबीआई के मुताबिक, यह मामला आईआरसीटीसी टेंडर और लैंड फॉर जॉब मामला रेलवे में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले लालू यादव और उनके परिवार द्वारा कई लोगों से जमीन ली गई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा मामला सुनियोजित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर लोगों को फायदा पहुंचाया गया।
सीबीआई ने इस केस में कुल 103 लोगों को आरोपी बनाया है, हालांकि इनमें से 5 आरोपियों की मौत हो चुकी है। चार्जशीट में एजेंसी ने दावा किया है कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। जमीन की खरीद-बिक्री में ज्यादातर पैसों का लेनदेन कैश में किया गया। कुछ सेल डीड को छोड़ दें, तो बाकी मामलों में पैसे का कोई साफ-साफ रिकॉर्ड नहीं मिला है, जो संदेह को और गहरा करता है।
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 की धारा 11, 12, 13, 8 और 9 के तहत भी चार्जशीट दाखिल की गई है।
अब सबकी नजरें 9 जनवरी 2026 पर टिकी हैं, जब राउज एवेन्यू कोर्ट आरोप तय करने पर फैसला सुनाएगा। इस फैसले का असर न सिर्फ लालू परिवार पर पड़ेगा, बल्कि बिहार की राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई दे सकती है।
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