2025 Holashtak Start And End होलाष्टक पर उग्र रहेंगे ये ग्रह, होलिका दहन तक भूल से भी न करें ये काम

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

Khabarwala 24 News New Delhi : 2025 Holashtak Start And End होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से हो जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, होलाष्टक होली से आठ दिनों पहले शुरू होता है। हिंदू धर्म में होलाष्टक अशुभ माना गया है। होलाष्टक की अवधि आठ दिनों की होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार होली के आठ दिन पहले दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने पुत्र प्रहलाद को भगवान विष्णु की भक्ति करने पर यातनाएं दी थीं।

होलाष्टक में शुभ काम वर्जित (2025 Holashtak Start And End)

हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को ब्रह्मा जी से वरदान मिला था कि अग्नि उसे नहीं जलाएगी, लेकिन वो प्रहलाद को अग्नि में लेकर बैठ गई और अग्नि में जलकर भस्म हो गई इसलिए होलाष्टक का अंत होलिका दहन के साथ हो जाता है। होलाष्टक के दिनों में शुभ और मांगलिक काम जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि नहीं होते हैं।

शुरू हो चुका है होलाष्टक (2025 Holashtak Start And End)

मान्यता है कि होलाष्टक के दिनों में आठ ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं इसलिए होलाष्टक के ये आठ दिन बहुत कष्टकारी माने जाते हैं। इस अवधि में ग्रहों का दुष्प्रभाव सभी पर होता है। इस समय में किए गए कामों के बनने से ज्यादा बिगड़ने की संभावना रहती है। होलाष्टक की अवधि 13 मार्च तक रहेगी।

- Advertisement -

ये आठ ग्रह रहते हैं उग्र (2025 Holashtak Start And End)

होलाष्टक के पहले दिन चंद्रमा, दूसरे दिन सूर्य, तीसरे दिन न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि, चौथे दिन शुक्र, पांचवे दिन गुरू बृहस्पति, छठे दिन ग्रहों के राजकुमार बुध, सातवें दिन मंगल और आठवें दिन पापी ग्रह राहु की अवस्था उग्र होती है।

होलाष्टक में न करें ये काम (2025 Holashtak Start And End)

होलाष्टक की इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते। इसके अलावा नया कारोबार शुरू करना भी वर्जित होता है। नया घर नहीं लिया जाता। यही नहीं घर का निर्माण कार्य भी नहीं शुरू कराया जाता। सोना-चांदी नहीं खरीदा जाता है।

होलाष्टक में करें ये काम (2025 Holashtak Start And End)

होलाष्टक की इस अवधि में भगवान का पूजा-पाठ, जप-तप करना बड़ा ही लाभकारी माना जाता है। भगवान विष्णु और शिवजी का व्रत और अराधना की जाती है। महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है। होलिका दहन के साथ ही होलाष्टक समाप्त हो जाएगा।

- Advertisement -

Disclaimer : यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। ्Khabarwala 24 News इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

- Advertisement -
spot_img
Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-