तेहरान, 3 मार्च (khabarwala24)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो की बातों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान से कभी कोई खतरा था ही नहीं। उन्होंने अमेरिका और ईरान, दोनों देशों के नागरिकों के खून-खराबे के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिकी विदेश सचिव रुबियो ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका ने ईरान पर हमला तब किया जब उसे पता चला कि उसका साथी इजरायल एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है और इस बात की चिंता थी कि तेहरान इस इलाके में अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।
रुबियो ने रिपोर्टरों से कहा,“हमें पता था कि इजरायल कार्रवाई करने वाला है। हमें यह भी मालूम था कि इससे अमेरिकी बलों पर हमला हो सकता है। यदि हम पहले कार्रवाई नहीं करते, तो हमें ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता।”
रुबियो के इस बयान पर ईरानी विदेश मंत्री सेय्यद अराघची ने एक्स पर पोस्ट किया, “मिस्टर रुबियो ने वह माना जो हम सब जानते थे। अमेरिका ने इजरायल की तरफ से अपनी मर्जी से जंग लड़ी है। ईरान से कभी कोई खतरा था ही नहीं।”
उन्होंने दोनों तरफ हुई मौतों के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। ईरानी विदेश मंत्री ने आगे कहा, “इस तरह अमेरिकी और ईरानी दोनों का खून बहाना इजरायल का काम है। अमेरिकी लोग इससे बेहतर के हकदार हैं।”
इससे पहले, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा था कि शनिवार को तेहरान में इजरायल ने ही हमला किया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और दूसरे सीनियर अधिकारी मारे गए थे। इंटेलिजेंस से पता चला था कि खामेनेई उस समय एक मीटिंग में थे।
रुबियो ने यह भी कहा कि घटनाक्रम चाहे जैसा भी रहा हो, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का मानना था कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका खामेनेई प्रतिष्ठान के अंत को देखना पसंद करेगा, लेकिन मौजूदा सैन्य अभियान का घोषित उद्देश्य यह नहीं है।
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