नई दिल्ली, 4 फरवरी (khabarwala24)। तेजी से बदलते वर्ल्ड डायनेमिक्स के बीच भारत वैश्विक व्यापार के केंद्र में आ चुका है। दुनिया के तमाम देश भारत को एक अवसर के तौर पर देख रहे हैं। इस बीच चीन के तेवर भी बदलते नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि दोनों देशों के संबंध सुधार के एक नए स्तर पर पहुंच रहे हैं।
बता दें कि गलवान को लेकर हुए विवाद के बाद पिछले साल दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने अहम बैठक की। इस बैठक के बाद भारत और चीन के बीच सालों बाद डायरेक्ट हवाई यात्रा भी शुरू हो गई और कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी शुरू हुई। भारत ने चीनी नागरिकों को टूरिस्ट वीजा देना फिर से शुरू कर दिया है और मेनलैंड और भारत के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दी गई हैं, जिससे यात्रा और बातचीत आसान हो गई है। धीरे-धीरे दोनों देशों के बीच संबंध में तनाव कम होता नजर आ रहा है। ऐसे में मंगलवार को नई दिल्ली में ईयर ऑफ द हॉर्स के मौके पर चीनी न्यू ईयर कार्यक्रम में राजदूत शू का ये बयान सामने आया।
उन्होंने पिछले अगस्त में तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई मीटिंग को अहम पल बताया। यह मुलाकात संबंधों को एक रीसेट और नई शुरुआत से लगातार तरक्की की ओर ले गई है।
चीनी राजदूत ने कहा, “सभी स्तर पर लेन-देन बढ़ गया है। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। लोगों के बीच लेन-देन ज्यादा सक्रिय हो गया है।”
चीनी राजदूत शू के अनुसार, चीन और भारत के बीच व्यापार 155.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 12% से ज्यादा की बढ़ोतरी है। चीन को भारत का एक्सपोर्ट 9.7% बढ़ा। चीनी राजदूत ने इसे दो बड़ी एशियाई कंपनियों के बीच आगे आर्थिक सहयोग की बहुत बड़ी संभावना का सबूत बताया। चीनी राजदूत ने कहा कि दुनिया भर में चीन का एक बेहतरीन मेलजोल वाली दुनिया का नजरिया भारत के ‘वसुधैव कुटुम्बकम- दुनिया एक परिवार’ के कॉन्सेप्ट जैसा है।
इससे पहले 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शी जिनपिंग ने बधाई देते हुए कहा था कि ड्रैगन और हाथी साथ-साथ नृत्य करें। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने एक्स पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के 77 वें गणतंत्र दिवस पर प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मु को बधाई संदेश भेजा। चीन और भारत के लिए यह सही विकल्प है कि वे अच्छे पड़ोसी मित्र और ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करें, और ड्रैगन व हाथी साथ-साथ नृत्य करें।”
चीनी राजदूत गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे और एक्स पर एक और पोस्ट में कहा, “भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होकर खुशी हुई।”
पिछले साल नवंबर में शू फेइहोंग ने कहा था कि चीन उच्चस्तरीय व्यावहारिक सहयोग में एक सक्रिय भागीदार के रूप में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। ‘चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजनाः चीन के विकास का नया खाका, चीन-भारत सहयोग के नए अवसर’ विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान चीन वास्तविक अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत करेगा, उच्चस्तरीय वैज्ञानिक तकनीकी आत्मनिर्भरता को तेज करेगा और उच्च मानकों वाले खुलेपन का विस्तार करेगा। इससे भारत सहित सभी देशों के लिए सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने यह भी कहा, “वर्तमान में भारत ‘मेक इन इंडिया’ जैसी प्रमुख रणनीतियों को आगे बढ़ा रहा है। चीन भारत के साथ व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने के लिए तैयार है, ताकि साझा हितों का दायरा बढ़ाया जा सके और दोनों देशों के लोगों को विकास के परिणामों से अधिक लाभ मिल सके।”
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


