ढाका, 9 जनवरी (khabarwala24)। कई देशों में बांग्लादेशी यात्रियों को अब वीज़ा और सही दस्तावेज होने के बावजूद एयरपोर्ट पर प्रवेश से रोक दिया जा रहा है। यह स्थिति जुलाई 2024 में बांग्लादेश में हुए प्रदर्शनों के बाद और बिगड़ी है, जब राजनीतिक अस्थिरता ने विदेशी सरकारों को बांग्लादेश को शरणार्थियों का संभावित स्रोत मानने के लिए मजबूर किया और वीज़ा प्रक्रिया को कड़ा कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट ‘ग्लोबल वॉइसेज’ की रिपोर्ट में कहा गया है, “हरे रंग का बांग्लादेशी पासपोर्ट, जो कभी लाखों लोगों के लिए बेहतर जीवन की उम्मीद का प्रतीक था, अब अंतरराष्ट्रीय आव्रजन काउंटरों पर बोझ बन गया है। दक्षिण और पश्चिम एशिया सहित कई देशों में एयरपोर्ट पर हर दिन हजारों बांग्लादेशियों को वीज़ा होने के बावजूद प्रवेश से रोका जा रहा है, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और बिना स्पष्ट कारण वापिस भेजा जा रहा है।”
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले चार महीनों में ही 3,500 से अधिक बांग्लादेशियों को अन्य देशों में प्रवेश से मना किया गया और उन्हें देश लौटाया गया। इनमें अधिकांश लोग कानूनी तौर पर वीज़ा धारक थे और किसी प्रकार के अपराध या वीज़ा उल्लंघन में शामिल नहीं थे।
इसके अलावा, यूरोप में भी बांग्लादेशियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। सितंबर 2025 में इटली, ऑस्ट्रिया, ग्रीस और साइप्रस से 52 बांग्लादेशियों को और 30 अगस्त को यूनाइटेड किंगडम से 15 बांग्लादेशियों को उनके वीज़ा उल्लंघन के कारण देश लौटाया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रोजगार हेतु अस्थायी वीजा का दुरुपयोग करने वाले बांग्लादेशियों ने देश की आर्थिक नींव, सामाजिक संरचना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। कई खाड़ी और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों ने बांग्लादेशी श्रमिकों के प्रवेश को पूरी तरह बंद या सीमित कर दिया है और इन बाजारों को फिर से खोलने का कोई निश्चित समय नहीं बताया है।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में बांग्लादेश को 100वें स्थान पर रखा गया, जो हाल के वर्षों में सबसे खराब रैंकिंग है और इसे उत्तर कोरिया के साथ रखा गया है, जिससे देश की वैश्विक छवि में गहरी गिरावट दिखती है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया, “बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़ी वीज़ा उल्लंघन, अनधिकृत प्रवास और दस्तावेज़ धोखाधड़ी की कहानियां एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व में आम हो गई हैं। जो देश पहले बांग्लादेशियों का स्वागत करते थे, अब उन्होंने प्रवेश नियम कड़े कर दिए हैं।”
विशेष रूप से सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड ने अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने अधिकांश वीज़ा श्रेणियों को चुपचाप रोक दिया है। इन नीति परिवर्तनों ने बांग्लादेशी पासपोर्ट की ताकत और अंतरराष्ट्रीय विश्वास पर गंभीर प्रभाव डाला है।
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