विशेषाधिकार समिति ने केजरीवाल के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश की: विजेंद्र गुप्ता

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

नई दिल्ली, 9 जनवरी (khabarwala24)। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश की है। इन नेताओं पर ‘फांसी घर’ को लेकर कथित झूठे दावों की जांच के लिए बुलाई गई समिति की बैठकों में जानबूझकर शामिल न होने का आरोप है।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि समिति की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित नेताओं को कई बार नोटिस भेजे गए और पर्याप्त समय व अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद किसी भी अदालत से कोई स्टे ऑर्डर या निर्देश न होने के बाद भी चारों नेता तय तारीखों पर समिति के सामने पेश नहीं हुए।

इन नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व डिप्टी स्पीकर राखी बिड़ला शामिल हैं।

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि समिति की राय में ऐसा व्यवहार सदन और समिति की अवमानना के बराबर है।

उन्होंने बताया कि विशेषाधिकार समिति ने सिफारिश की है कि जो लोग जानबूझकर समिति की बैठकों में शामिल नहीं हुए, उनके खिलाफ सदन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

स्पीकर ने कहा, “मैं इस मामले को पूरे विश्वास के साथ सदन के सामने रख रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि सदन के सदस्य विशेषाधिकार समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करेंगे और संविधान, कानून और सदन की परंपराओं के अनुसार उचित निर्णय लेंगे।”

- Advertisement -

यह मामला पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल से जुड़ा है। आरोप है कि उस दौरान विधानसभा परिसर में मौजूद औपनिवेशिक काल के टिफिन रूम को गलत तरीके से फांसी घर (फांसी देने की जगह) बताया गया था।

बाद में स्पीकर ने यह मामला विशेषाधिकार समिति (प्रिविलेज कमेटी) को भेज दिया था।

शुक्रवार को जारी एक बयान में स्पीकर ने कहा कि वे सम्मानित सदन के सामने विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट के बाद सामने आई वास्तविक स्थिति रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक ऐतिहासिक दावे से जुड़ा नहीं है, बल्कि विधानसभा और उसकी समितियों की शक्तियों, गरिमा और कार्यप्रणाली से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

स्पीकर ने बताया कि फरवरी 2025 में आठवीं विधानसभा के गठन के बाद दिल्ली विधानसभा भवन के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए गए। इस दौरान ऐतिहासिक तथ्यों की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और अभिलेखों (आर्काइव) की जांच की गई।

उन्होंने कहा कि नेशनल आर्काइव्स से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा परिसर के भीतर कोई फांसी घर मौजूद नहीं था। रिकॉर्ड में स्पष्ट है कि उस स्थान का उपयोग टिफिन रूम के रूप में किया जाता था।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Breaking News

-Advertisement-