दमोह, 9 जनवरी (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा एक जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व, बेहतर पोषण, समय पर स्वास्थ्य जांच और आर्थिक सहयोग के प्रति जागरूक करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सके।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने khabarwala24 से बातचीत के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत हर महीने की 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन दिनों महिलाओं को निशुल्क स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पोषण और स्वच्छता से जुड़ी जानकारियां दी जाती हैं।
प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं को यह समझाया जाता है कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार और नियमित जांच कितनी जरूरी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रियंका ने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को गर्भधारण के बाद होने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानियों के प्रति जागरूक किया जाता है। प्रदर्शनी के जरिए महिलाओं को यह बताया जाता है कि गर्भवती होने के बाद उन्हें क्या करना चाहिए और किन बातों से परहेज करना चाहिए, ताकि गर्भावस्था सुरक्षित और स्वस्थ बनी रहे।
एक अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत महीने की 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। इस दौरान प्रदर्शनी के माध्यम से पोषण संबंधी जानकारी दी जाती है और महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे बच्चे का बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता जैन ने बताया कि उनका मुख्य कार्य गर्भवती महिलाओं और शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों की देखभाल करना है। इसमें टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण आहार का वितरण शामिल है। माताओं को बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि उनकी पोषण संबंधी और शारीरिक आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सके।
वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यमुना गौड़ ने बताया कि वह जिस गांव में कार्यरत हैं, वह आदिवासी क्षेत्र है, जहां कई सामाजिक और जागरूकता से जुड़ी चुनौतियां सामने आती हैं। पहले कई महिलाएं शर्म या संकोच के कारण अपनी गर्भावस्था की जानकारी नहीं देती थीं। बार-बार संपर्क और समझाने के बाद जब जानकारी मिलती है, तब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिला की देखरेख और पोषण की व्यवस्था शुरू करती हैं। महिलाओं को स्वस्थ गर्भावस्था के लिए अच्छे पोषण, नियमित जांच और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया जाता है, ताकि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकें।
दरअसल, जब भी कोई महिला पहली बार मां बनती है तो उसकी खुशी दोगुनी हो जाती है। ऐसे में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिला को मिलने वाली 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं होती। इस योजना के तहत तीन किस्तों में सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि भेजी जाती है। योजना की पहली किस्त गर्भावस्था के पंजीयन के बाद, दूसरी किस्त कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच के बाद और तीसरी किस्त बच्चे के जन्म पंजीयन और टीकाकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर दी जाती है।
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