अमरावती, 9 जनवरी (khabarwala24)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कोनासीमा जिले में गैस वेल ब्लोआउट से प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। गैस वेल ब्लोआउट कुएं से प्राकृतिक गैस या कच्चे तेल के अनियंत्रित रिसाव को कहते हैं।
उन्होंने मलिकीपुरम मंडल के इरुसुमंडा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से स्थिति का जायजा लिया, जहां ओएनजीसी की एक गैस वेल में ब्लोआउट होने से आग लगी हुई है और आसपास के इलाके प्रभावित हुए हैं।
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री मंडपेटा विधानसभा क्षेत्र के रायवरम पहुंचे। वहां उन्होंने ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, कोनासीमा जिला कलेक्टर महेश कुमार, सांसद हरीश और स्थानीय विधायक वराप्रसाद के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में ब्लोआउट को नियंत्रित करने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि आग को पूरी तरह बुझाने और ब्लोआउट रोकने के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम से कम किया जाए। साथ ही आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त नारियल के पेड़ों के मालिकों को उचित मुआवजा देने के सख्त निर्देश दिए।
यह घटना स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि नारियल के बागानों पर इसका सीधा असर पड़ा है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाएगी।
बैठक के दौरान ओएनजीसी अधिकारियों ने बताया कि विशेषज्ञ टीमों को लगाया गया है और जल्द ही स्थिति को नियंत्रित करने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
वहीं, स्थानीय लोग इस घटना से हुए नुकसान की भरपाई और जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
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