मुंबई, 25 जनवरी (khabarwala24)। अभिनेता जावेद जाफरी अपनी अपकमिंग फिल्म ‘मायासभा’ की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म पर काम करते समय उन्होंने अपने बाकी सभी प्रोजेक्ट्स से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। जावेद का मानना है कि जब कोई नया किरदार निभाने का मौका मिलता है, तो एक्टर को सिर्फ उसी पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
जावेद जाफरी ने khabarwala24 से बताया, “एक एक्टर के अधिकार सीमित होते हैं। मैं उस दायरे में कभी नहीं जाता, जहां मैं लेखक या निर्देशक का अपमान करूं। लेखक ने सालों की मेहनत से स्क्रिप्ट लिखी होती है। आप उसे पढ़कर एक दिन में कह दें कि बॉस, मैं इसे ऐसे करूंगा या अपने नियम थोप दें तो यह गलत है। वहीं, डायरेक्टर पूरी दुनिया बनाता है, एक्टर उसे ओवरराइड नहीं कर सकता।”
उन्होंने आगे बताया, “इसलिए मैं उनसे जरूरत पड़ने पर सवाल पूछता हूं, यह क्यों हुआ, वह क्यों नहीं? और जब सही जवाब मिल जाता है, तो सबकुछ सामान्य हो जाता है। वास्तव में काम के दौरान ईगो नहीं आनी चाहिए। वे किरदार के साथ जीए होते हैं, वे जानते हैं कि वह ऐसा क्यों करेगा। लेकिन, एक्टर का फर्ज है कि वह डायरेक्टर की सोच के मुताबिक किरदार को जीवंत बनाए। अगर मुझे कोई नया आइडिया लगे, तो मैं ऑप्शन दे सकता हूं। लेकिन कभी-कभी डायरेक्टर कहता है कि ‘यह ट्रैक से हट रहा है, मुस्कुराना नहीं, इशारा मत करना’ या ऐसा-वैसा मत करना क्योंकि इससे किरदार टूट जाता है।”
जावेद जाफरी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि एक्टर की जिम्मेदारी है कि वह स्क्रिप्ट और डायरेक्टर के विजन को पूरी ईमानदारी से निभाए। वे किसी भी प्रोजेक्ट में पूरी तरह डूब जाते हैं और बाकी कामों को रोक देते हैं ताकि किरदार पर 100 फीसदी फोकस रह सके।
‘मायासभा’ एक महत्वपूर्ण फिल्म है, जो 30 जनवरी को रिलीज होने वाली है। कॉमेडी से लेकर सीरियस तक, हर जॉनर में काम कर चुके जावेद जाफरी अपकमिंग फिल्म ‘मायासभा’ में अलग अंदाज में नजर आएंगे।
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